
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर पिछले हफ्ते जो तकनीकी गड़बड़ी हुई, वह अब किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं लग रही।
जांच में सामने आया है कि GPS सिग्नल्स से जानबूझकर छेड़छाड़ (spoofing) की गई थी, जिससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (ATC) 12 घंटे तक ठप रहा।
7 नवंबर की सुबह से रात तक एयरपोर्ट पर 800 से ज्यादा फ्लाइट्स लेट हुईं और 20 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
“कुछ पायलटों ने बताया कि उनके कॉकपिट में रनवे की जगह खेत और गलत लोकेशन दिख रही थी!”
– DGCA स्रोत
माना जा सकता है कि यह ‘GPS Gone Wild’ का भारतीय वर्जन था!
कैसे हुआ GPS Hack? – फेक सिग्नल्स का ब्लास्ट
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये हमला GPS के सिविलियन (ओपन) सिग्नल्स पर किया गया। हमलावरों ने GPS के PRN (Pseudo Random Noise) सिग्नल की कॉपी बनाकर फेक सिग्नल ब्लास्ट किया। इससे असली और नकली सिग्नल्स में फर्क नहीं रह गया और पायलटों की स्क्रीन पर नकली पोजिशन दिखने लगी।
“एक झटके में भारत का सबसे सुरक्षित एयरपोर्ट GPS भ्रम में चला गया।”
विशेषज्ञों का कहना है कि ये हमला किसी विदेशी सरकार या हैकर्स नेटवर्क द्वारा किया गया हो सकता है। अब मामला राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) के रडार पर है।
बढ़े GPS Spoofing के केस
DGCA की ताज़ा रिपोर्ट कहती है कि बीते कुछ महीनों में 465 से ज्यादा GPS इंटरफेरेंस केस दर्ज हुए — खासकर जम्मू, पंजाब, और अमृतसर जैसे सीमावर्ती इलाकों में। इससे यह स्पष्ट है कि भारत की एविएशन साइबर सिक्योरिटी अब निशाने पर है।
“GPS अब सिर्फ नेविगेशन नहीं, नेशनल सिक्योरिटी का मुद्दा है।”
ISRO का NavIC सिस्टम बनेगा देश की Cyber ढाल 🇮🇳
साइबर अटैक के बाद अब सबकी निगाहें ISRO के स्वदेशी NavIC (Navigation with Indian Constellation) सिस्टम पर हैं।
NavIC पूरी तरह भारत के नियंत्रण में है और Encrypted Signals भेजता है — यानी इसमें GPS की तरह छेड़छाड़ संभव नहीं।
विशेषज्ञों का कहना है — “अगर NavIC पहले से लागू होता, तो दिल्ली एयरपोर्ट की यह घटना नहीं होती।”
अब सरकार ने इसे सिविल एविएशन सेक्टर में इंटिग्रेट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
केंद्र ने दिए हाई-लेवल जांच के आदेश
इस मामले पर NSA ऑफिस में आपात बैठक बुलाई गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी, DGCA, और साइबर सिक्योरिटी एजेंसियों को
पूरी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं — ताकि यह साफ़ हो सके कि मामला साइबर हैकिंग का है या विदेशी ताकतों की शरारत का।
“जब रनवे पर खेत दिखने लगे, तो ये सिर्फ तकनीकी गड़बड़ी नहीं रह जाती।”
तकनीक जितनी स्मार्ट हो रही है, खतरे भी उतने “स्मार्ट” हो गए हैं। ISRO का NavIC सिस्टम अब भारत की हवाई सुरक्षा के लिए वो ढाल बन सकता है जो नकली सिग्नल्स को हवा में ही काट दे।
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